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Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Classic Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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  • राहें - 21

    अभी-परीक्षा शेष हैमैं बरामदें में बैठी मोबाइल देख रही थी। दरवाजे पर आहट नेमेरा ध...

  • समय का कुआं

    अध्याय 1: बरगदपुर का वो कुआँबरगदपुर। नाम से ही पता चलता है, गाँव के बीचों-बीच एक...

  • एक आखिरी चिट्ठी

    एक आखिरी चिट्ठी - उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे - मोहनपुरा में, एक बहुत पुरान...

अन्तर्निहित - 58 By Vrajesh Shashikant Dave

[58]शैल ने सरिता के शब्दों को नहीं सुना था। वह नदी की तरफ बढ़ता गया। पानी के समीप वह रुक गया। धीरे धीरे नदी में उतर गया, भीतर भीतर चलने लगा। नदी में आगे बढ़ता गया। सहसा किसी ने पीछे...

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रिश्तों का बोझ By Skp divine

रिश्तों का बोझएक कहानी — जब रिश्ते सहारा बनने के बजाय बोझ बन जाएँशहर के एक पुराने मोहल्ले में एक छोटा-सा दो मंजिला मकान था। मकान बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें रहने वाले लोगों के स...

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राहें - 21 By shiromani mathur

अभी-परीक्षा शेष हैमैं बरामदें में बैठी मोबाइल देख रही थी। दरवाजे पर आहट नेमेरा ध्यान खींचा ,गेट तक दुष्टि घुमाई तो श्रीमती लता तिवारी अपनीबेटी वर्षा के साथ आ रही थी। चेहरे पर चिरपर...

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रिश्ते की डोर By Skp divine

रिश्ते की डोरकभी-कभी रिश्ते खून से नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम, धैर्य और समझ से मजबूत होते हैं। कुछ रिश्ते दिखाई नहीं देते, फिर भी उनके बीच एक ऐसी अदृश्य डोर बंधी होती है, जो वर्षों...

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कागज की नाव By shrish sharma

कागज की नावबरसात का महीना था। दिल्ली में पिछले 7 दिन से लगातार बारिश हो रही थी। अभिमन्यु, उम्र 32 साल, एक सरकारी दफ्तर में क्लर्क। रोज की तरह वो 8:32 की लोकल पकड़ने के लिए भाग रहा...

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जिस जीवन में तुम थे - 10 By SHREYA INDUSHREE

पाँच वर्ष बीत गए थे।समय के बारे में सबसे विचित्र बात यही है,जिस दिन हम टूटते हैं, उस दिन लगता है कि अब कुछ आगे नहीं बढ़ेगा।लेकिन समय रुकता नहीं।वह हमारी सहमति के बिना भी आगे बढ़ता...

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समय का कुआं By shrish sharma

अध्याय 1: बरगदपुर का वो कुआँबरगदपुर। नाम से ही पता चलता है, गाँव के बीचों-बीच एक विशाल बरगद का पेड़ था, जिसकी जड़ें दूर-दूर तक फैली हुई थीं। और उसी बरगद की सबसे मोटी जड़ के ठीक नीच...

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एक आखिरी चिट्ठी By shrish sharma

एक आखिरी चिट्ठी - उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे - मोहनपुरा में, एक बहुत पुराना डाकघर था। उस डाकघर की लाल ईंटों पर बरसात के पानी के निशान थे, और उसके बाहर एक बूढ़ा पीपल का पेड़ थ...

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ले डूबा इश्क़ तेरा। - 2 By Radha

आज मेरे कॉलेज का पहला दिन है। ओर मुझे देर हों गई तो में तो गई काम से। वैसे भी कोलेज कब की शुरू हो चुकी है, में ही लेट हू। दो दिन पहले जब कोलेज के मैनेजमेंट से फि के बारे में मेरी ब...

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સ્કૂલની યાદો By sejan agariya

એ તો હવે ખબર પડી કે સાચી મજા તો બાળપણમાં જ હતી એ સવારની સ્કૂલની ઠંડી મન ન હોય તો પણ સ્કૂલે જવું પડે અમુક વાર પપ્પા ના માર ખબર પડે તો અમુક વાર સરના માર ખાવો પડે અને હા એ વાત તો કદી...

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पवित्र बहु - 18 By archana

एक दिन दिव्यम चित्रा को स्कूटी चलाना सिखा रहा था। चित्रा अभी भी पूरी तरह आत्मविश्वास से स्कूटी नहीं चला पाती थी, इसलिए दिव्यम उसके साथ-साथ चल रहा था और बार-बार उसे समझा रहा था—“धीर...

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पति-पत्नी का रिश्ता: विश्वास, समझ और साथ की सबसे मजबूत डोर By Skp divine

पति-पत्नी का रिश्ता: विश्वास, समझ और साथ की सबसे मजबूत डोरदुनिया में अनेक रिश्ते होते हैं—माता-पिता का, भाई-बहन का, मित्रता का और संतान का। हर रिश्ते का अपना महत्व है, लेकिन पति-पत...

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आखिरी किताब By shrish sharma

"आख़िरी किताब" - एक साहित्यिक कहानीभैरवपुर का पुस्तकालय अब कोई नहीं जाता था।एक ज़माना था जब उसकी दीवारें नए अखबारों की खुशबू से महकती थीं, जब सुबह-सुबह कॉलेज के लड़के साइकिल पर आकर...

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जिल्लत By Jeetendra

कमला सुबह चार बजे उठी थी। रात भर की बारिश ने मिट्टी की दीवारों में नमी भर दी थी, पर वह इस आदी थी। चूल्हे पर पानी चढ़ाया, बचे हुए आटे से दो रोटियाँ बनाईं। एक उसने खुद खाई, दूसरी काग...

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बंद कमरे का रहस्य By Skp divine

बंद कमरे का रहस्यभाग 1: रहस्यमयी मकानगाँव के किनारे एक पुराना मकान था।पिछले बीस वर्षों से वह बंद पड़ा था।लोग कहते थे कि हर पूर्णिमा की रात उस मकान के अंदर से पियानो की आवाज़ आती थी...

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धोखेबाज दोस्त By Jeetendra

रामपुर गाँव की गलियों में शाम का वक़्त था। सूरज पहाड़ों के पीछे छिप रहा था और आसमान में नारंगी और लाल रंग की लकीरें बन रही थीं। गाँव के बीचोंबीच एक पुरानी पीपल की छाँव में दो दोस्त...

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तुम मेरी आख़िरी दुआ By Toufeek Ahmad

️ लेखिका: Zeenat Taufeeqसुबह के आठ बजे थे। सूरज की हल्की सुनहरी किरणें शहर की ऊँची इमारतों के बीच से निकलकर सड़कों पर बिखर रही थीं। हवा में हल्की-सी ठंडक थी, जैसे रात ने जाते-जाते...

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दिल की दुआ By Jeetendra

रामनगर की एक पुरानी गली में, जहाँ सुबह की पहली किरण आते ही मोहल्ले की गलियों में बच्चों की किलकारियाँ गूँजने लगती थीं, वहाँ एक दो मंजिला घर था। उस घर में रहता था शर्मा परिवार। घर क...

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सच्चा उत्तराधिकारी By Skp divine

सच्चा उत्तराधिकारी(हिंदी प्रेरणादायक कहानी – भाग 1)सेठ हरिप्रसाद अहमदाबाद के एक प्रसिद्ध उद्योगपति थे। करोड़ों की संपत्ति, कई कंपनियाँ और समाज में उनका बहुत सम्मान था। अब उनकी उम्र...

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द मिस्टीरियस क्वीन - Chapter 2 - भाग 2 By kanta

द मिस्टीरियस क्वीन (The Mysterious Queen)अध्याय 2: राठौर परिवार का छुपा हुआ सचभाग 2आरुषि कुछ क्षण तक उस पुरानी तस्वीर को देखती रही। तस्वीर में मौजूद पाँच साल की बच्ची की मुस्कान, उ...

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पांच वादों की दुल्हन - भाग 5 By kanta

---*नॉवेल: "पांच वादों की दुल्हन"* *Chapter 5: प्यार या बदला? ~ 1200 शब्द*आज बुधवार था।  आराध्या के हाथ जले हुए थे। पर दिल उससे भी ज्यादा जला हुआ था।*Scene 1: डॉक्टर और मरीज ~ 400...

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चाँदी का कंगन By Skp divine

चाँदी का कंगनबरसों पुराने राजस्थान के एक छोटे-से कस्बे "चाँदपुर" में एक हवेली थी, जिसे लोग "स्मृतियों की हवेली" कहते थे। हवेली की दीवारें बूढ़ी हो चुकी थीं, लेकिन उनमें रहने वाली अ...

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रहस्यमयी मुखौटा By Skp divine

रहस्यमयी मुखौटाभाग 1 – हँसी, रहस्य और एक अनोखी शुरुआतशिवपुर नाम का एक छोटा-सा कस्बा था। वहाँ रहने वाली 19 वर्षीय मीरा पूरे मोहल्ले की सबसे हँसमुख लड़की थी। उसकी सबसे बड़ी आदत थी कि...

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सीक्रेट:वो लड़की - 3 By kanta

---### *Chapter 3: पुराने खत* रात के 11 बजकर 17 मिनट हो रहे थे। अयान के कमरे में सिर्फ लैपटॉप की स्क्रीन की नीली रोशनी थी। गर्मी बहुत थी, पर पंखा चलाने का मन नहीं था। आज 3 साल बाद...

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अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 3 By Skp divine

सम्राट अशोक का परिवर्तनभाग 3 – धम्म का संदेश और भारत से विश्व तक की यात्राकलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक केवल एक राजा नहीं रहे, बल्कि शांति और करुणा के दूत बन गए। उन्होंने निश्चय क...

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कोई लाख अच्छा सही लेकिन तुमसा कहा माँ By Akanksha Dubey

लोग कहते हैं दुनिया में सब मिल जाता है... दौलत, इज़्ज़त, दोस्त, हमसफ़र। पर मैं कह दूँ? कोई लाख अच्छा सही, लेकिन तुमसा कहाँ माँ।माँ एक ऐसा शब्द है जिसमें पूरी दुनिया बसी है। माँ की...

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दादी के हाथ का जादुई अचार By Akanksha Dubey

*शीर्षक: दादी के हाथ का जादूई अचार*  *लेखक: आकांक्षा दुबे*
गर्मी की छुट्टी थी। गांव में आम के पेड़ के नीचे ढेर सारे कच्चे आम पड़े थे। मैं भाग के दादी के पास गई और बोली "दादी आ...

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दादी की रसोई में छुपा इलाज By Akanksha Dubey

दादी की रसोई में छुपा इलाज*मेरी दादी के पास हर मर्ज की दवा है। जब भी जीवन में कोई मुश्किल आ जाए, तो उनके पास हर समस्या का हल होता है। वो हमें समझाती हैं कि हर मुश्किल का सामना कैसे...

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अन्तर्निहित - 58 By Vrajesh Shashikant Dave

[58]शैल ने सरिता के शब्दों को नहीं सुना था। वह नदी की तरफ बढ़ता गया। पानी के समीप वह रुक गया। धीरे धीरे नदी में उतर गया, भीतर भीतर चलने लगा। नदी में आगे बढ़ता गया। सहसा किसी ने पीछे...

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रिश्तों का बोझ By Skp divine

रिश्तों का बोझएक कहानी — जब रिश्ते सहारा बनने के बजाय बोझ बन जाएँशहर के एक पुराने मोहल्ले में एक छोटा-सा दो मंजिला मकान था। मकान बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसमें रहने वाले लोगों के स...

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राहें - 21 By shiromani mathur

अभी-परीक्षा शेष हैमैं बरामदें में बैठी मोबाइल देख रही थी। दरवाजे पर आहट नेमेरा ध्यान खींचा ,गेट तक दुष्टि घुमाई तो श्रीमती लता तिवारी अपनीबेटी वर्षा के साथ आ रही थी। चेहरे पर चिरपर...

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रिश्ते की डोर By Skp divine

रिश्ते की डोरकभी-कभी रिश्ते खून से नहीं, बल्कि विश्वास, प्रेम, धैर्य और समझ से मजबूत होते हैं। कुछ रिश्ते दिखाई नहीं देते, फिर भी उनके बीच एक ऐसी अदृश्य डोर बंधी होती है, जो वर्षों...

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कागज की नाव By shrish sharma

कागज की नावबरसात का महीना था। दिल्ली में पिछले 7 दिन से लगातार बारिश हो रही थी। अभिमन्यु, उम्र 32 साल, एक सरकारी दफ्तर में क्लर्क। रोज की तरह वो 8:32 की लोकल पकड़ने के लिए भाग रहा...

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जिस जीवन में तुम थे - 10 By SHREYA INDUSHREE

पाँच वर्ष बीत गए थे।समय के बारे में सबसे विचित्र बात यही है,जिस दिन हम टूटते हैं, उस दिन लगता है कि अब कुछ आगे नहीं बढ़ेगा।लेकिन समय रुकता नहीं।वह हमारी सहमति के बिना भी आगे बढ़ता...

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समय का कुआं By shrish sharma

अध्याय 1: बरगदपुर का वो कुआँबरगदपुर। नाम से ही पता चलता है, गाँव के बीचों-बीच एक विशाल बरगद का पेड़ था, जिसकी जड़ें दूर-दूर तक फैली हुई थीं। और उसी बरगद की सबसे मोटी जड़ के ठीक नीच...

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एक आखिरी चिट्ठी By shrish sharma

एक आखिरी चिट्ठी - उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे - मोहनपुरा में, एक बहुत पुराना डाकघर था। उस डाकघर की लाल ईंटों पर बरसात के पानी के निशान थे, और उसके बाहर एक बूढ़ा पीपल का पेड़ थ...

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ले डूबा इश्क़ तेरा। - 2 By Radha

आज मेरे कॉलेज का पहला दिन है। ओर मुझे देर हों गई तो में तो गई काम से। वैसे भी कोलेज कब की शुरू हो चुकी है, में ही लेट हू। दो दिन पहले जब कोलेज के मैनेजमेंट से फि के बारे में मेरी ब...

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સ્કૂલની યાદો By sejan agariya

એ તો હવે ખબર પડી કે સાચી મજા તો બાળપણમાં જ હતી એ સવારની સ્કૂલની ઠંડી મન ન હોય તો પણ સ્કૂલે જવું પડે અમુક વાર પપ્પા ના માર ખબર પડે તો અમુક વાર સરના માર ખાવો પડે અને હા એ વાત તો કદી...

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पवित्र बहु - 18 By archana

एक दिन दिव्यम चित्रा को स्कूटी चलाना सिखा रहा था। चित्रा अभी भी पूरी तरह आत्मविश्वास से स्कूटी नहीं चला पाती थी, इसलिए दिव्यम उसके साथ-साथ चल रहा था और बार-बार उसे समझा रहा था—“धीर...

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पति-पत्नी का रिश्ता: विश्वास, समझ और साथ की सबसे मजबूत डोर By Skp divine

पति-पत्नी का रिश्ता: विश्वास, समझ और साथ की सबसे मजबूत डोरदुनिया में अनेक रिश्ते होते हैं—माता-पिता का, भाई-बहन का, मित्रता का और संतान का। हर रिश्ते का अपना महत्व है, लेकिन पति-पत...

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आखिरी किताब By shrish sharma

"आख़िरी किताब" - एक साहित्यिक कहानीभैरवपुर का पुस्तकालय अब कोई नहीं जाता था।एक ज़माना था जब उसकी दीवारें नए अखबारों की खुशबू से महकती थीं, जब सुबह-सुबह कॉलेज के लड़के साइकिल पर आकर...

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जिल्लत By Jeetendra

कमला सुबह चार बजे उठी थी। रात भर की बारिश ने मिट्टी की दीवारों में नमी भर दी थी, पर वह इस आदी थी। चूल्हे पर पानी चढ़ाया, बचे हुए आटे से दो रोटियाँ बनाईं। एक उसने खुद खाई, दूसरी काग...

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बंद कमरे का रहस्य By Skp divine

बंद कमरे का रहस्यभाग 1: रहस्यमयी मकानगाँव के किनारे एक पुराना मकान था।पिछले बीस वर्षों से वह बंद पड़ा था।लोग कहते थे कि हर पूर्णिमा की रात उस मकान के अंदर से पियानो की आवाज़ आती थी...

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धोखेबाज दोस्त By Jeetendra

रामपुर गाँव की गलियों में शाम का वक़्त था। सूरज पहाड़ों के पीछे छिप रहा था और आसमान में नारंगी और लाल रंग की लकीरें बन रही थीं। गाँव के बीचोंबीच एक पुरानी पीपल की छाँव में दो दोस्त...

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तुम मेरी आख़िरी दुआ By Toufeek Ahmad

️ लेखिका: Zeenat Taufeeqसुबह के आठ बजे थे। सूरज की हल्की सुनहरी किरणें शहर की ऊँची इमारतों के बीच से निकलकर सड़कों पर बिखर रही थीं। हवा में हल्की-सी ठंडक थी, जैसे रात ने जाते-जाते...

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दिल की दुआ By Jeetendra

रामनगर की एक पुरानी गली में, जहाँ सुबह की पहली किरण आते ही मोहल्ले की गलियों में बच्चों की किलकारियाँ गूँजने लगती थीं, वहाँ एक दो मंजिला घर था। उस घर में रहता था शर्मा परिवार। घर क...

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सच्चा उत्तराधिकारी By Skp divine

सच्चा उत्तराधिकारी(हिंदी प्रेरणादायक कहानी – भाग 1)सेठ हरिप्रसाद अहमदाबाद के एक प्रसिद्ध उद्योगपति थे। करोड़ों की संपत्ति, कई कंपनियाँ और समाज में उनका बहुत सम्मान था। अब उनकी उम्र...

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द मिस्टीरियस क्वीन - Chapter 2 - भाग 2 By kanta

द मिस्टीरियस क्वीन (The Mysterious Queen)अध्याय 2: राठौर परिवार का छुपा हुआ सचभाग 2आरुषि कुछ क्षण तक उस पुरानी तस्वीर को देखती रही। तस्वीर में मौजूद पाँच साल की बच्ची की मुस्कान, उ...

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पांच वादों की दुल्हन - भाग 5 By kanta

---*नॉवेल: "पांच वादों की दुल्हन"* *Chapter 5: प्यार या बदला? ~ 1200 शब्द*आज बुधवार था।  आराध्या के हाथ जले हुए थे। पर दिल उससे भी ज्यादा जला हुआ था।*Scene 1: डॉक्टर और मरीज ~ 400...

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चाँदी का कंगन By Skp divine

चाँदी का कंगनबरसों पुराने राजस्थान के एक छोटे-से कस्बे "चाँदपुर" में एक हवेली थी, जिसे लोग "स्मृतियों की हवेली" कहते थे। हवेली की दीवारें बूढ़ी हो चुकी थीं, लेकिन उनमें रहने वाली अ...

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रहस्यमयी मुखौटा By Skp divine

रहस्यमयी मुखौटाभाग 1 – हँसी, रहस्य और एक अनोखी शुरुआतशिवपुर नाम का एक छोटा-सा कस्बा था। वहाँ रहने वाली 19 वर्षीय मीरा पूरे मोहल्ले की सबसे हँसमुख लड़की थी। उसकी सबसे बड़ी आदत थी कि...

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सीक्रेट:वो लड़की - 3 By kanta

---### *Chapter 3: पुराने खत* रात के 11 बजकर 17 मिनट हो रहे थे। अयान के कमरे में सिर्फ लैपटॉप की स्क्रीन की नीली रोशनी थी। गर्मी बहुत थी, पर पंखा चलाने का मन नहीं था। आज 3 साल बाद...

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अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 3 By Skp divine

सम्राट अशोक का परिवर्तनभाग 3 – धम्म का संदेश और भारत से विश्व तक की यात्राकलिंग युद्ध के बाद सम्राट अशोक केवल एक राजा नहीं रहे, बल्कि शांति और करुणा के दूत बन गए। उन्होंने निश्चय क...

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कोई लाख अच्छा सही लेकिन तुमसा कहा माँ By Akanksha Dubey

लोग कहते हैं दुनिया में सब मिल जाता है... दौलत, इज़्ज़त, दोस्त, हमसफ़र। पर मैं कह दूँ? कोई लाख अच्छा सही, लेकिन तुमसा कहाँ माँ।माँ एक ऐसा शब्द है जिसमें पूरी दुनिया बसी है। माँ की...

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दादी के हाथ का जादुई अचार By Akanksha Dubey

*शीर्षक: दादी के हाथ का जादूई अचार*  *लेखक: आकांक्षा दुबे*
गर्मी की छुट्टी थी। गांव में आम के पेड़ के नीचे ढेर सारे कच्चे आम पड़े थे। मैं भाग के दादी के पास गई और बोली "दादी आ...

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दादी की रसोई में छुपा इलाज By Akanksha Dubey

दादी की रसोई में छुपा इलाज*मेरी दादी के पास हर मर्ज की दवा है। जब भी जीवन में कोई मुश्किल आ जाए, तो उनके पास हर समस्या का हल होता है। वो हमें समझाती हैं कि हर मुश्किल का सामना कैसे...

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